इर्ना की रिपोर्ट के अनुसार बहराम क़ासमी ने कहा कि हमारा मानना है कि वेनेज़ुएला का आंतरिक मामला देश के संविधान के आधार पर केवल राजनैतिक वार्ता द्वारा ही हल हो सकता है।
श्री बहराम क़ासमी ने बल दिया कि वेनेज़ुएला के मामले में हर प्रकार का विदेशी हस्तक्षेप निर्रथक रहा है और इससे केवल हालात और अधिक जटिल होंगे।
इससे पहले वेनेज़ुएला के विदेशमंत्रालय ने कहा था कि अमरीका वेनेज़ुएला मे विद्रोह कराना चाहता है।
वेनेज़ुएला के विदेशमंत्रालय के जारी बयान में काराकास के विरुद्ध अमरीका की ओर से लगाए गये प्रतिबंधों को अत्याचारपूर्ण और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा ख़तरा क़रार दिया गया है।
ज्ञात रहे कि वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादूरू ने कुछ दिन पहले ही अपने दूसरे दौरे की शपथ उठाई है। इस अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने वेनेज़ुएला के आंतरिक मामलों में अमरीका के हस्तक्षेप की खुलकर निंदा की थी।